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Friday, 16 January 2026

(2.3.11) ईश्वर की सहायता / Ishwar ki Sahayata / Inspirational Story/ motional Story

ईश्वर किस प्रकार सहायता करते हैं An inspirational story / Motivational Story

ईश्वर किस प्रकार सहायता करते हैं?

किसी गांव में एक व्यक्ति रहता था। वह भक्त था और ईश्वर पर बहुत आस्था और विश्वास रखता था। उसका मानना था कि ईश्वर सब की सहायता करते हैं।

एक बार तेज बरसात हो गई जिसके कारण उसके गाँव के पास से बहने वाली नदी का पानी उसके गाँव में घुस गया। जिला प्रशासन की ओर से सहायता करने वाले कर्मचारी आए और गाँव के लोगों को अपने घर खाली करके सुरक्षित स्थान पर चलने के लिए कहा। गाँव के लोग अपने घरों को खाली करने लगे और आवश्यकता का सामान अपने साथ लेकर किसी सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। लेकिन वह भक्त अपने घर के सामने ही खड़ा रहा। उसने अपना घर खाली नहीं किया। तब प्रशासन के लोगों ने उस व्यक्ति से कहा कि नदी का पानी घरों में घुस सकता है। तुम हमारे साथ सुरक्षित स्थान पर चलो। लेकिन उसने यह कह कर उनके साथ जाने से मना कर दिया कि मुझे विश्वास है, ईश्वर मेरी सहायता करने अवश्य आयेंगे और मुझे बचा लेंगे।

नदी का पानी तेजी से बढ़ता हुआ उस भक्त के घर के पास तक पहुंच गया। कुछ समय बाद एक नाव वहाँ पहुँची और उसमें बैठे हुए लोगों ने उस व्यक्ति से कहा,”पानी का बहाव तेज है, तुम हमारे साथ आओ, हम तुम्हें सुरक्षित स्थान पर ले चलेंगे।उसने इस बार भी उनके साथ जाने से इंकार कर दिया और कहा कि ईश्वर मुझे बचाने जरुर आयेंगे। जब पानी उस व्यक्ति के घर में चला गया, तो वह घर की छत पर चढ़ गया और प्रतीक्षा करने लगा कि भगवान उसे बचाने आएंगे।

थोड़ी देर बाद एक बचाव दल हेलीकॉप्टर से आया और नीचे रस्सी डाल कर उस व्यक्ति से कहा कि तुम यह रस्सी पकड़ लो और ऊपर आ जाओ। इस बार भी उस व्यक्ति ने दोहराया कि तुम लोग जाओ, मुझे तो ईश्वर बचाने आएंगे। आखिरकार पानी इतना बढ़ गया कि वह व्यक्ति पानी में डूब गया और मर गया।

मरने के बाद वह ईश्वर के पास पहुंचा और ईश्वर पर चिल्लाते हुए कहा कि मैं आपका बहुत बड़ा भक्त हूँ। मुझे पूरा विश्वास था कि आप मुझे बचाने अवश्य आएंगे। मैं प्रतीक्षा करता रहा और आप नहीं आए। अब आप पर कौन  विश्वास करेगा और क्यों कोई आपकी भक्ति करेगा? इस पर ईश्वर ने कहा कि मैंने तुम्हें बचाने के लिए तीन बार प्रयास किया, लेकिन तुम स्वयं ही बचना नहीं चाहते थे। पहली बार मैंने तुम्हें बचाने के लिए प्रशासन के लोग भेजे। दूसरी बार मैंने तुम्हारी रक्षा के लिए एक नाव भेजी। तीसरी बार मैंने तुम्हारे लिए हेलीकॉप्टर भेजा। फिर भी तुम मेरी सहायता को समझ नहीं सके। याद रखो, मैं किसी माध्यम से सहायता करता हूँ।

शिक्षा -  इस कहानी से हमें शिक्षा मिलती है कि ईश्वर जिसकी सहायता करना चाहते हैं, वे उस व्यक्ति के लिए सहायता का कोई न कोई माध्यम बना देते हैं। बस आवश्यकता है, उन दिव्य संकेतों को समझने की।