(2.3.14) प्रेम, धन और सफलता – Prem, Dhan Aur Safalata - inspirational /motivational story
प्रेम, धन और सफलता – Prem, Dhan Aur Safalata
- inspirational
/motivational story
प्रेम, धन और सफलता - एक प्रेरक कहानी
एक औरत ने देखा कि तीन संत उसके घर के सामने खड़े
हैं। उसने उन संतो को भोजन के लिए आमंत्रित किया, तो उनमें से एक संत ने कहा,”हम सब किसी भी घर में एक साथ
नहीं जाते हैं। मेरा नाम “धन” है। इन दोनों के नाम “सफलता” और “प्रेम” हैं। हममें से कोई एक ही भीतर आ सकता है। आप तय कर ले कि किसे
आमंत्रित करना है?”
औरत ने घर के भीतर आकर अपने पति को यह सब बताया।
पति प्रसन्न होकर बोला, “यदि ऐसा है, तो हमें धन को आमंत्रित करना चाहिए।” औरत बोली,”मुझे लगता है कि हमें सफलता को आमंत्रित करना
चाहिए।” उनकी बेटी जो
दूसरे कमरे थी, यह सब सुन रही थी।
वह उनके पास आई और बोली,” हमें प्रेम को आमंत्रित करना चाहिए।” उसकी बात से सभी सहमत हो गए। औरत घर के बाहर गई और
उसने संतो से कहा, “आप में से जिनका नाम ‘प्रेम’ है, वे घर में पधारें और भोजन ग्रहण करें।”
‘प्रेम’ घर की ओर बढ़ चले। बाकी के दो
संत भी उनके पीछे-पीछे चलने लगे। औरत ने दोनों से पूछा,” मैने तो केवल ‘प्रेम’ को आमंत्रित किया था?” उनमें से एक संत ने कहा,”यदि आपने ‘प्रेम’ के अतिरिक्त किसी और को आमंत्रित किया होता, तो केवल वही आता। लेकिन आपने ‘प्रेम’ को बुलाया है। ‘प्रेम’ जहाँ जाता है, धन और सफलता उसके पीछे पीछे
चले आते हैं।”
शिक्षा - इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि
धन और सफलता की तुलना में प्रेम का अधिक महत्व है। जिस परिवार के सदस्यों में आपस
में प्रेम होता है, उन्हें धन और सफलता प्राप्ति का रास्ता अपने आप ही मिल जाता है।