(3.2.13) आत्म विश्वास और धैर्य Atmavishwas aur Dhairya / Inspirational story, Motivational Story
आत्म विश्वास और धैर्य Atmavishwas aur Dhairya / Inspirational
story, Motivational Story
आत्म विश्वास और धैर्य
हम सभी जानते हैं कि हिलेरी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने में कितनी बार असफल
हुआ। सबसे पहले वह इस अभियान के लिए अकेला ही निकला था। दुर्भाग्य से ग्लेशियर
फिसल पड़े और उसे वापस लौटना पड़ा। हिलेरी दूसरी बार फिर गया। इस बार उसे बर्फीले
तूफानों का सामना करना पड़ा और उसे फिर से लौटना पड़ा। वह तीसरी बार फिर गया। इस
बार वह हिमपात से इस तरह घिर गया कि उसके लिए आगे बढ़ पाना असंभव हो गया।
जब हिलेरी वापस लौट कर आया, तो लोगों ने उसे घेर लिया और पूछा कि तीसरी असफलता
पर तुम्हारी क्या प्रतिक्रिया है?
हिलेरी ने एवरेस्ट की तरफ अपनी नज़रें गड़ाते हुए कहा, “सुनो, एवरेस्ट जो
तुम्हारी समस्या है, वह मेरी नहीं है। तुम्हारी समस्या यह है कि तुम जितनी ऊंचाई
पर खड़े हो, उससे और ज्यादा ऊंचे नहीं हो सकते, एक इंच भी नहीं। परंतु मैं
अपने धैर्य और कठिन परिश्रम का उपयोग करके एक न एक दिन अपने पाँव तुम्हारे शिखर पर
रखने में जरुर सफल हो जाऊंगा।”
चौथी बार 1953 में हिलेरी तेनजिंग नोर्गे के साथ मिलकर माउन्ट
एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचने वाला पहला व्यक्ति बन गया।
शिक्षा - इस कहानी से हमें यह
शिक्षा मिलती है कि यदि व्यक्ति में आत्मविश्वास और धैर्य हो, तो वह जिंदगी में
आने वाली हर बाधाओं का सामना करने में सफल हो सकता है।