स्वर्ग से आने वाले व्यक्ति के लक्षण Swarg Se Aane Vale Vyakti Ke Lakshan
स्वर्ग से आने वाले व्यक्ति के लक्षण
सभी व्यक्ति अपने-अपने अच्छे और बुरे कर्मों के
अनुसार फल भोगते हैं। अच्छे कर्म करने वाले स्वर्ग में चले जाते हैं और बुरे कर्म
करने वाले नरक में चले जाते हैं। जिन लोगों के कर्म सामान्य होते हैं वे फिर से
जन्म लेते हैं, ताकि वे अच्छे कर्म कर सकें। स्वर्ग में जाने
वाले लोग अपने पुण्य का फल भोगते हैं और जब वह पुण्य फल समाप्त हो जाता है, तो वे फिर से इस धरती पर जन्म लेते हैं। यह जन्म
मरण का चक्र तब तक चलता रहता है, जब तक व्यक्ति
का मोक्ष नहीं हो जाता।
जब कोई व्यक्ति इस संसार में जन्म लेता है, तो उसको पिछले जन्म के बारे में कुछ भी ज्ञात
नहीं होता है। लेकिन उस व्यक्ति में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, जिनके आधार पर यह ज्ञात होता है कि वह व्यक्ति
स्वर्ग से आया है। ये लक्षण इस प्रकार हैं -
(पहला) उस
व्यक्ति की वाणी में मिठास होता है, वह प्रेम
पूर्वक और बिना अभिमान के बात करता है। वह जहाँ कहीं भी जाता है, लोग उसकी बात को ध्यान पूर्वक सुनते हैं।
(दूसरा) उसमें
दान देने के प्रवृत्ति होती है। वह बिना किसी लालच के या स्वार्थ के यथाशक्ति दान
देता है तथा वह समाज सेवा के कई कार्य करता है, जो समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होते हैं।
(तीसरा) वह
देवताओं की पूजा अर्चना करता है, धार्मिक
कार्यों में रुचि रखता है और ऐसे कई कार्य करता है जो उसकी धार्मिक रुचि को प्रकट
करता है।
(चौथा) वह
विद्वानों और साधु संतों का आदर करता है तथा उन्हें अपने कार्य और व्यवहार से
संतुष्ट रखता है। वह अपने हित के पहले दूसरों का हित के बारे में सोचता है।