Saturday, 29 August 2026

(2.2.13) समय पर सुविचार / Quotes on Time समय पर अनमोल विचार/ Inspirational Quotation / Motivational Quotes

समय पर सुविचार / Quotes on Time समय पर अनमोल विचार/ Inspirational Quotation / Motivational Quotes

समय पर सुविचार / Quotes on Time समय पर अनमोल विचार/ Inspirational Quotation / Motivational Quotes

अच्छा कार्य करने के लिए कोई समय खराब नहीं होता है और बुरा कार्य करने के लिए कोई समय अच्छा नहीं होता है.

वक्त जब सजा सुनाता है, तब न किसी न्यायाधीश की आवश्यकता होती है और न किसी वकील की.

समय सबका आता है कभी नाव गाड़ी पर होती है और कभी गाड़ी नाव पर होती है.

समय अच्छा हो तो नंगे पाँव होने पर भी कांटा भी नहीं चुभता और समय खराब हो तो ऊँट पर बैठे हुए को भी कुत्ता काट लेता है.

विश्वास रखो जीवन में ऐसा वक्त अवश्य आएगा, जब आप अपने बुरे वक्त के बारे में खुश होकर सुनायेंगे.

समय के साथ साथ बहुत कुछ बदल जाता है. अपने पराये लगने लगते हैं और पराये अपने लगने लगते हैं. 

अच्छा और बुरा समय अपने और परायों की पहचान करा देता है.

जब अपनों का साथ हो तो, बुरे से बुरा समय भी जल्दी कट जाता है.

सुबह सबके लिए आती है, कोई मुस्कराते हुए जागता और कोई मुँह लटकाये हुए जागता है.

बुरा समय व्यक्ति को उस सच्चाई का सामना करवाता है, जिसकी उसने अच्छे समय में कभी कल्पना भी नहीं की होती है. 

समय का चक्र बहुत तेजी से चलता है, इसलिए न तो अपने बल का अहंकार करो और न ही अपने धन का अहंकार करो.

कठिन समय में समझदार व्यक्ति रास्ता खोजता है और मूर्ख व्यक्ति बहाना. 

समय समय की बात है; जो कल तक हमसे आँखें नहीं मिलाते थे, वे आज हमें आँखे दिखा रहे हैं. 

कोई आज छाया में इसलिए बैठा हुआ है क्योंकि किसी ने बहुत समय पहले एक पौधा लगाया था.

वक्त का पता नहीं चलता अपनों के साथ, पर अपनों का पता चल जाता है वक्त के साथ.

एक मिनट में जिन्दगी नहीं बदलती है; परन्तु एक मिनट में लिया गया फैसला पूरी जिन्दगी बदल देता है.

शिक्षक भी सिखाता है और समय भी, परन्तु दोनों में एक बुनियादी फर्क है; शिक्षक सिखाकर परीक्षा लेता है और समय परीक्षा लेकर सिखाता है. 

आपकी जिन्दगी का स्तर इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने समय का उपयोग कैसे करते हैं.

आपकी जिन्दगी का हर हिस्सा आपके द्वारा किये गए समय के उपयोग के परिणाम को दर्शाता है.

समय धन है; या तो इसे खर्च किया जा सकता है या निवेश किया जा सकता है.


(2.2.12) सफलता पर सुविचार Success Quotes in Hindi /Safalata Quotes/Inspirational Quotations/Motivation

सफलता पर सुविचार Success Quotes in Hindi /Safalata Quotes/Inspirational Quotations/Motivation

सफलता पर सुविचार

1."सफलता कोई रहस्य नहीं है। वरन कुछ बुनियादी नियमों का सतत पालन करने का सुखद परिणाम है। इसके विपरीत असफलता कुछ गलतियों को लगातार दोहराने का परिणाम है।"

2."सफलता तभी मिलती है, जब छोटे - छोटे प्रयास नियमित रूप से किये जायें।"

3."रुकावटें या बाधाएं वे वस्तुएं हैं, जिन्हें आप तब देखतें हैं, जब आप अपना ध्यान लक्ष्य से हटा लेते हैं।"

4."सफलता मात्र संयोग का नाम नहीं है, यह कठिन परिश्रम और रचनात्मक दृष्टि कोण का परिणाम है।"

5."जब तक आप प्रयास को नहीं छोड़ते हैं, तब तक आप असफल नहीं होते हैं।"

6."लक्ष्य मिलने पर एक सुखद अनुभव होता है। सफलता इसी अनुभूति का नाम है।"

7."यदि लक्ष्य उत्कृष्ट एवं ऊँचा है, तो सफलता भी उतनी ही ऊँची होगी। यही सफलता की कहानी है।"

8."किसी व्यक्ति की सफलता का मूल्यांकन उसके लक्ष्य प्राप्ति से नहीं किया जाता है, बल्कि उसने सफलता प्राप्ति के प्रयास के दौरान आने वाली बाधाओं को किस प्रकार जीता है, इससे किया जाता है।"

9."सही दिशा में, सही प्रयास, सफलता की पहली सीढी है।"

10."मजबूत इन्सान हमेशा अपने उद्धेश्य की पूर्ति में लगे रहते हैं।वे बुरे समय के ख़त्म होने की प्रतीक्षा नहीं करते हैं।"

11."हर चीज आसान होने से पहले कठिन होती है।"

11 A "सफल व्यक्ति किसी कार्य की क्रियान्विति का साहस करते हैं, जबकि असफल व्यक्ति ऐसा करने में झिझकते हैं।"

12."जीवन में सफलता इस बात से नहीं नापी जाती कि दूसरों की तुलना में हम क्या कर रहे हैं? हमारी सफलता इस तथ्य पर आधारित है कि हम अपनी क्षमताओं की तुलना में क्या कुछ कर रहे हैं।"

13."व्यक्ति की सफलता का मूल्यांकन उसके द्वारा सफलता के लिए देखे गए सपनों के आकार से किया जाता है।"

14."सफलता के लिए आवश्यक है, दृढ इच्छा शक्ति। परिस्थिति अनुकूल हो या प्रतिकूल, हम अपने आप को कैसे सँभालते हैं और ढालते हैं, इसी से हमारी सफलता तय होती है।"

15."दो प्रकार के लोग असफल होते हैं - वे जो करते तो हैं परन्तु सोचते नहीं हैं। दूसरे वे जो सोचते तो हैं, परन्तु करते कुछ नहीं हैं।"

16."सोचने और विचारने की क्षमता का प्रयोग किये बिना जीवन जीना ठीक उसी तरह है, जैसे बिना निशाने के तीर चलाना।"

17."अपनी पुरानी विफलताओं को भूल जाईये, अभी जो कर रहे हैं, बस उसे याद रखिये।"

18."परिवर्तन एवं बदलाव प्रकृति का नियम है। हर प्रगति एक बदलाव है, परन्तु हर बदलाव एक प्रगति नहीं है। अत: परिवर्तन या बदलाव को जाँच परख कर स्वीकार करना चाहिए।"

19."सफलता और असफलता के बीच वही अंतर है जो बिलकुल सही और लगभग सही के बीच है।"

20."जीवन में बहुत सारे लोग उस समय कोशिश बंद कर देते हैं, जब वे मंजिल के नजदीक होते हैं।"

21. सफलता की कहानियाँ, बड़ी असफलता की कहानियाँ भी होती हैं।

22."आप बीते समय को तो नहीं बदल सकते, पर आप चाहें तो अभी नई शुरुआत कर सकते हैं।"

23."सफल व्यक्ति छोटे -छोटे कार्यों को भी कुशलता एवं धैर्य पूर्वक करते हैं। वे किसी महान कार्य की प्रतीक्षा में बैठे नहीं रहते हैं।"

24."प्रतिबद्धता सफलता का आवश्यक गुण है। निष्ठा और बुद्धिमता प्रतिबद्धता बनाने के दो दृढ आधार हैं।"

25."प्रयास करना कभी न छोड़े, लगे रहें, सफलता अवश्य मिलेगी।"

26."हर अवसर को महत्वपूर्ण मानकर उसका उपयोग करें। सफलता का अवसर कभी भी आ सकता है।"

27."असफलता मिलने पर, सफलता का प्रयत्न नहीं करना, असफ़ल जीवन का चिन्ह है।"

28. "असफलता का उपयुक्त उपयोग, सफलता है।"

29. "सफल व्यक्ति किसी कार्य की क्रियान्विति का साहस करते हैं, जबकि असफल व्यक्ति ऐसा करने में झिझकते हैं."

  

(2.2.11) रिश्ते पर सुविचार Rishte Par Suvichar/ Quotations on Rihte/ Motivtional Qotes /Inspirational Quotations

रिश्ते पर सुविचार Rishte Par Suvichar/ Quotations on Rihte/ Motivtional Qotes /Inspirational Quotations 

ईमानदार रिश्ता बिल्कुल पानी की तरह होता है न कोई रंग, न कोई आकार, न कोई जगह फिर, भी जीवन के लिए बहुत जरूरी।

गलती जिंदगी का सिर्फ एक पन्ना होती है, जबकि रिश्ता एक पूरी किताब है। इसलिए एक पन्ने के लिए पूरी किताब को खोना किसी भी तरह बुद्धिमानी नहीं है।

यदि रिश्ते में जिद और अहम आ जायें, तब ये दोनों जीत जाते हैं और रिश्ता हार जाता है।

अकड़ तो सब में होती है पर झुकता वही है, जिसको रिश्तों की फिक्र होती है।

रिश्ते के लिए अच्छा दिल और अच्छा स्वभाव दोनों आवश्यक हैं। अच्छे दिल से रिश्ते बनेंगे और अच्छे स्वभाव से जीवन भर टिकेंगे।

रिश्ते टूटने के बहुत से कारण होते हैं। उनमें से एक यह भी है कि लोग टूटना पसंद करते हैं लेकिन झुकना नहीं।

रिश्तो को जोड़े रखने के लिए कभी अंधा, कभी बहरा तो कभी गूंगा होना पड़ता है।

रिश्ते और रास्ते में कब मोड़ आ जाए, पता ही नहीं चलता। इसलिये जैसे रास्ते में चलते हुए सचेत रहना जरूरी है वैसे ही रिश्ते को निभाने में भी सावधानी रखना जरूरी है।

रिश्ते नाते वे होते हैं, जिन में शब्द कम और  समझ ज्यादा हो, जिन में तकरार कम और प्यार ज्यादा हो, जिन में आशा कम और भरोसा ज्यादा हो।

रिश्ते का मतलब होता है, लेकिन मतलब के लिए रिश्ता नहीं होता है।

रिश्ते पतंग की डोर के तरह होते हैं, यह डोर होती है समझ और सामंजस्य की। रिश्तों की यह  डोर सुलझी रहें, तो सहजता बनी रहती है। उलझ जाएं तो, दूरियाँ बढ़ा देती है। 

 

  

(2.2.10) खुशी पर सुविचार Quotes on Happiness / Motivational Quotations Inspirational Quotes in Hindi

खुशी पर सुविचार Quotes on Happiness / Motivational Quotations Inspirational Quotes in Hindi

खुशी कोई बनी बनाई चीज नहीं है। यह हमारे अच्छे कर्मों से आती है।

खुशी मन की एक अवस्था है, जो बाहरी दुनिया से नहीं मिल सकती।

खुश रहने का एकमात्र उपाय है अपनी इच्छाओं की कमी करना।

जीवन में जो भी खुशी मिले, उसे पाकर खुश रहो। ये छोटी-छोटी खुशियाँ ही एक दिन बड़ी खुशी बन जाएगी।

खुशी पाने के लिए काम करो, तो खुशी मिले या ना मिले लेकिन खुश होकर काम करोगे, तो खुशी अवश्य मिलेगी।

खुशी एक रचनात्मक और सकारात्मक गुण है, जो हमारे मन के अंदर उत्पन्न होता है और हमारी स्वस्थ अवस्था को दिखाता है।

खुशी का अर्थ सबके लिए अलग-अलग होता है। एक बच्चा गुब्बारा ख़रीद कर खुश होता है और दूसरा बच्चा उसे बेचकर खुश होता है।

आपके जीवन की खुशी, आपके विचारों की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।

खुशी का रहस्य ज्यादा पाने में नहीं है, बल्कि थोड़े का आनंद लेने की क्षमता विकसित करने में है।

अच्छी स्थिति न होने पर भी, अपनी स्थिति में अच्छा से अच्छा देखने की क्षमता विकसित करना, खुशी पाने की कुंजी है।

यदि आप उन चीजों की कद्र नहीं करते हैं, जो आपके पास है, तो फिर आपको कभी भी खुशी नहीं मिलेगी।

खुशी किसी ऐसी चीज को पाने से नहीं मिलती है जो हमारे पास नहीं है, बल्कि जो चीजें हमारे पास है, उन्हें पहचानने और उनकी सराहना करने से मिलती है।

हर इंसान खुश रहना चाहता है, लेकिन खुशी का अर्थ सबके लिये अलग अलग होता है। कोई दुनियाँ की दौलत पाकर भी खुश नहीं रहता, तो कोई छोटी सी खुशी में भी आसमान नाप लेता है।

Friday, 28 August 2026

(2.4.8) ये दो प्रकार के लोग सुखी रहते हैं Ye Do Prakaar Ke Log Sukhi Rahate Hain

ये दो प्रकार के लोग सुखी रहते हैं Ye Do Prakaar Ke Log Sukhi Rahate Hain 

आचार्य चाणक्य कहते हैं -

अनागत विधाता च प्रत्युपन्न मतिस्तथा।

द्वावेतौ सुख मेधेते यदभविष्यो विनश्यति।

अर्थात् - पहला वह व्यक्ति जो भविष्य में आने वाले संभावित कष्ट या विपत्ति को भांप लेता है तथा उससे निपटने और उसे दूर करने के लिए तैयार रहता है और दूसरा वह व्यक्ति जो विपत्ति या कष्ट  के आने पर उसे दूर करने का तत्काल उपाय सोच लेता है। ये दोनों ही प्रकार के व्यक्ति सुखी रहते हैं।

और जो व्यक्ति यह सोचता है कि भाग्य में जो लिखा वही होगा या जो होना होगा, हो जाएगा। ऐसा सोच कर विपत्ति निवारण के लिए कोई उपाय नहीं करने वाला व्यक्ति दुखी होता हैकष्ट पाता है।


Wednesday, 13 May 2026

(2.4.7)भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा Teachings Of Shri Krishna

भगवान श्री कृष्ण की शिक्षा  Teachings Of Shri Krishna

खुशी मन की एक अवस्था है, जो बाहरी दुनियां से नहीं मिल सकती है। खुश रहने का एकमात्र उपाय हैइच्छाओं की कमी करना।

क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है। जब बुद्धि व्यग्र होती है, तब तर्क नष्ट हो जाता है और जब तर्क नष्ट हो जाता है तो व्यक्ति का पतन शुरू हो जाता है।

व्यक्ति अपने विश्वास से निर्मित होता है; जैसा वह विश्वास करता है, वैसा ही वह बन जाता है।

सर्वोच्च शांति के लिए हमें हमारे कर्मों के सभी परिणाम और लगाव को छोड़ देना चाहिए।

संदेह, संशय, दुविधा और द्वन्द में जीने वाले लोग न तो इस लोक में सुख पाते हैं और न  ही परलोक में। ऐसे व्यक्तियों का जीवन दिशाहीन और भटकाव से भरा रहता है।

न कोई मरता है और न कोई मारता है। यह सब निमित्त मात्र है। सभी प्राणी जन्म से पहले बिना शरीर के थे और मरने के उपरांत वे फिर से बिना शरीर के हो जाएंगे।

सीधे रास्ते से यदि कोई कार्य नहीं बने तो, कूटनीति का रास्ता अपनाने में भी हिचक नहीं करनी चाहिए।

संकट का समय, घबराने का समय नहीं है। यह खुद को सिद्ध करने का समय है अतः स्वयं पर विश्वास करके आए हुए संकट का सामना करो।

परिस्थितियां कितनी भी खराब क्यों न हो, समय के साथ सब ठीक हो जाता है।

स्वयं का आकलन करें और मन पर नियंत्रण रखें।

जीवन में संघर्ष है, लेकिन इसमें सफलता प्राप्ति का आनंद भी है। 

जीवन उत्सव है, जिसमें कर्तव्य तो है, लेकिन काम का बोझ नहीं है। 

Sunday, 3 May 2026

(7.1.37) अधिक मास नहीं हो तो क्या होगा What will happen if there is no Adhik Maas अधिक मास महत्व क्या है

अधिक मास नहीं हो तो क्या होगा What will happen if there is no Adhik Maas अधिक मास महत्व क्या है   

सनातन पंचांग की काल गणना के अनुसार मास दो प्रकार के होते हैं, जिनके नाम है चंद्र मास और सौर मास। चंद्र मास, चंद्रमा की गति पर आधारित होता है और सौर मास, सूर्य की गति पर आधारित होता है।

एक अमावस्या से अगली अमावस्या या एक पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा के बीच की अवधि को एक चंद्र मास कहा जाता है। बारह चंद्रमास की अवधि को एक चंद्रवर्ष कहा जाता है।

सूर्य एक राशि पर 1 महीने तक रहता है। सूर्य के एक राशि पर रहने की अवधि को सौर मास कहा जाता है। और 12 सौर मास की अवधि को एक सौर वर्ष कहा जाता है।

एक चंद्र वर्ष में 354 दिन होते हैं और एक सौर वर्ष में 365 दिन होते हैं। इस तरह दोनों वर्षों के बीच 1 वर्ष में 11 दिन का अंतर आ जाता है। चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच आए इन ग्यारह दिनों के अंतर को समाप्त करने के लिए 3 साल में अधिक मास की व्यवस्था की गई है।

अधिक मास नहीं हो, तो क्या होगा?

हिंदू धर्म में सभी पर्व ऋतु के आधार पर मनाए जाते हैं। यदि अधिक मास नहीं आए तो त्यौहार और ऋतुओं के बीच तालमेल नहीं रहेगा। प्रत्येक त्यौहार प्रतिवर्ष 11 दिन पीछे हट जाएगा। और हर तीन साल में सारे त्योहार एक महीने पीछे आएंगे।  इस प्रकार लंबी अवधि में जो त्यौहार वर्षा ऋतु में आता है वह धीरे-धीरे ग्रीष्म ऋतु या शीत ऋतु में आने लगेगा।

उदाहरण के लिए शीत ऋतु की समाप्ति पर आने वाला बसंत पंचमी का पर्व माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यदि अधिक मास न हो, तो यह पंचमी का पर्व प्रतिवर्ष 11 दिन पहले आने लगेगा। परिणाम स्वरूप यह वर्षा ऋतु में और ग्रीष्म ऋतु में भी आने लगेगा। जिससे ऋतुओं और त्योहारों के बीच सामंजस्य नहीं रहेगा।

इसी तरह के तालमेल को बिठाने के लिए ग्रेगोरियन कैलेंडर में भी प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी के महीने में एक दिन बढ़ा कर 28 दिन के बजाय 29 दिन कर दिए जाते हैं। इस वर्ष को लीप यीयर कहा जाता है।

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(7.1.36) लीप ईयर और अधिक मास में क्या अंतर है Difference between Adhik Maas and Leap Year

लीप ईयर और अधिक मास में क्या अंतर है Difference between Adhik Maas and Leap Year 

लीप ईयर और अधिक मास के अंतर को जानने से पहले हम यह जानेंगे की लीप ईयर किसे कहते हैं और अधिक मास किसे कहते हैं।

लीप ईयर किसे कहते हैं?

ग्रेगोरियन कैलेंडर सूर्य की गति पर आधारित होता है। इसके अनुसार 1 वर्ष में 365 दिन और 6 घंटे होते हैं। इन अतिरिक्त 6 घंटे को हर चौथे वर्ष जोड़कर एक पूरा दिन बना दिया जाता है जिससे वह वर्ष 365 दिन के बजाय 366 दिन का हो जाता है। इसे ही लीप ईयर कहा जाता है। लीप ईयर में फरवरी 29 दिन की होती है।

अधिक मास किसे कहते हैं?

सनातन पंचांग के अनुसार काल गणना चंद्रमा और सूर्य दोनों की गति के अनुसार की जाती है। चंद्रमा की गति के अनुसार एक चंद्र वर्ष 354 दिन का होता है और सूर्य की गति के अनुसार एक सौर वर्ष 365 दिन का होता है। चंद्रवर्ष और सौर वर्ष के बीच 11 दिन का अंतर आ जाता है। इन 11 दिनों को हर तीसरे वर्ष जोड़कर एक अतिरिक्त महीना बना दिया जाता है। इस अतिरिक्त महीने को अधिक मास कहा जाता है।

लीप ईयर और अधिक मास में अंतर

पहला - लीप ईयर का संबंध ग्रेगोरियन कैलेंडर से है। जबकि अधिक मास का संबंध सनातन पंचांग से है।

दूसरा - लीप ईयर हर चौथे साल आता है जबकि अधिक मास हर तीसरे साल आता है।

तीसरा - लीप ईयर में एक वर्ष में केवल एक दिन की वृद्धि होती है, जबकि अधिक मास में 1 वर्ष में एक माह की वृद्धि हो जाती है।

चौथा - लीप ईयर में बढ़ने वाला एक दिन केवल फरवरी के महीने में ही बढ़ता है, जबकि अधिक मास के रूप में बढ़ने वाला ऐसा कोई एक महीना निश्चित नहीं है।

पांचवां - लीप ईयर का कोई धार्मिक महत्व नहीं है जबकि अधिक मास का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। 

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