Saturday, 14 February 2026

(6.11.20) रां रामाय नमः Ram Ramay Namah / तारक मंत्र / षडाक्षर मंत्र /रां रामाय नमः मंत्र के लाभ

 रां रामाय नमः Ram Ramay Namah / तारक मंत्र / षडाक्षर मंत्र /रां रामाय नमः मंत्र के लाभ (  

भगवान राम, भगवान विष्णु के अवतार हैं। वे नैतिकता, श्रेष्ठ गुण और आदर्श के प्रतीक हैं। भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। वे दया के सागर हैं। उनसे संबंधित कई मंत्र, श्लोक और स्त्रोत हैं। रां रामाय नमःमंत्र भी उनमें से एक है। इसे एक शक्तिशाली मंत्र के रूप में जाना जाता है। इसे तारक मंत्र, महामंत्र तथा षडाक्षर मंत्र के नाम से भी जाना जाता है।

इस मंत्र का जप करने के लाभ इस प्रकार हैं -

यह मंत्र जन्म - मृत्यु के चक्र से मुक्ति दिलाने वाला है, इसलिए इसे तारक मंत्र कहा जाता है।

यह सभी दुखों और बाधाओं को दूर करता है, जिससे जीवन में सकारात्मकता आती है।

यह साहस,आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।

यह व्यक्ति की चेतना को उच्च स्तर पर ले जाता है, आध्यात्मिक उन्नति करता है, आंतरिक शक्ति और शांति देता है।

इसके जप से घर में सुख शांति रहती है और जीवन में संपन्नता आती है।

इस मंत्र की जप प्रक्रिया इस प्रकार है -

प्रातः काल नित्यकर्म तथा स्नान आदि  से निवृत्त होकर उत्तर या पूर्व की तरफ मुंह करके ऊन के आसन पर बैठ जायें। भगवान राम का चित्र अपने सामने रखें। अपनी आंखें बंद करें और भगवान राम का ध्यान करें। ध्यान इस प्रकार है -

भगवान राम, जिन्होंने धनुष बाण धारण किए हुए हैं, बद्ध पद्मासन से विराजमान हैं, पीतांबर पहने हुए हैं, जिनके प्रसन्न नयन नूतन कमल दल से स्पर्धा करते हुए वाम भाग में विराजमान श्री सीता जी के मुख कमल से मिले हुए हैं। उन आजानुबाहु, मेघश्याम, नाना प्रकार के अलंकारों से विभूषित तथा विशाल जटाजूट धारी रामचंद्र जी का ध्यान करें।

इसके बाद इस मंत्र का 11 माला का जप करें। मंत्र इस प्रकार है -

रां रामाय नमः

मंत्र जप की समाप्ति के बाद आंखें बंद करके भावना करें कि भगवान राम आपको प्रसन्नता, सफलता,संपन्नता और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद दे रहे हैं।