Monday, 19 October 2026

(6.3.10) दुर्गा प्रार्थना मंत्र (सांसारिक मनोकामना की पूर्ति हेतु)Durga Prarthana Mantra for worldly Desires

दुर्गा प्रार्थना मंत्र (सांसारिक मनोकामना की पूर्ति हेतु)Durga Prarthana Mantra for worldly Desires

दुर्गा प्रार्थना मंत्र (सांसारिक मनोकामना की पूर्ति हेतु

देवी दुर्गा, हिन्दू धर्म के अनुसार बहुत लोक प्रिय देवी है।जो दिव्य माता के रूप में जानी जाती है। वह करुणा ,शक्ति ,नैतिकता ,बुद्धिमानी और संरक्षण का प्रतीक मानी जाती है।देवी दुर्गा को लक्ष्मी,सरस्वती और काली का मिश्रित रूप माना जाता है जिसके कारण इन तीनों देवियों की शक्तियां देवी दुर्गा में सम्मिलित हैं।वह अपने भक्तों  की मनोकामना पूर्ण करने में सक्षम है।

यदि कोई व्यक्ति निम्नांकित प्रार्थना मन्त्रों का पूरी निष्ठा और विश्वास के साथ जप(उच्चारण ) करता है तो देवी दुर्गा की कृपा से उसकी  मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

प्रार्थना मंत्र निम्नानुसार है:-

या देवी सर्व भूतेषु माँ  रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु शक्ति  रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु बुद्धि  रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु लक्ष्मी  रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु शांति  रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु श्रद्धा  रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु कांति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु वृत्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु स्मृति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु दया   रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

या देवी सर्व भूतेषु तुष्टि  रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै, नमस्तस्यै ,नमस्तस्यै नमो नमः। 

अर्थ :- देवी जो सम्पूर्ण प्राणियों में माँ ,शक्ति ,बुद्धि ,लक्ष्मी ,शांति ,श्रद्धा ,कांति ,वृत्ति ,स्मृति ,दया ,और तुष्टि के रूप में स्थित है, उस देवी को मैं बारम्बार प्रणाम करता हूँ।

इन प्रार्थना मंत्रो के बाद आप देवी के असीम स्नेह पर अपना ध्यान केन्द्रित करें।मन में भावना करें कि देवी दुर्गा ने आपकी प्रार्थना को सुन लिया है और आप पर देवी कृपा की वर्षा हो रही है।आप उसकी कृपा से प्रार्थना मंत्रों में वर्णित वस्तुओँ को प्राप्त कर रहें हैं।