रिश्ते पर सुविचार Rishte Par Suvichar/ Quotations on Rihte/ Motivtional Qotes /Inspirational Quotations
ईमानदार
रिश्ता बिल्कुल पानी की तरह होता है न कोई रंग, न कोई आकार, न कोई जगह फिर, भी जीवन के लिए बहुत जरूरी।
गलती
जिंदगी का सिर्फ एक पन्ना होती है, जबकि रिश्ता एक पूरी किताब है।
इसलिए एक पन्ने के लिए पूरी किताब को खोना किसी भी तरह बुद्धिमानी नहीं है।
यदि
रिश्ते में जिद और अहम आ जायें, तब ये दोनों जीत जाते हैं और रिश्ता
हार जाता है।
अकड़
तो सब में होती है पर झुकता वही है, जिसको रिश्तों की फिक्र होती है।
रिश्ते
के लिए अच्छा दिल और अच्छा स्वभाव दोनों आवश्यक हैं। अच्छे दिल से रिश्ते बनेंगे
और अच्छे स्वभाव से जीवन भर टिकेंगे।
रिश्ते
टूटने के बहुत से कारण होते हैं। उनमें से एक यह भी है कि लोग टूटना पसंद करते हैं
लेकिन झुकना नहीं।
रिश्तो
को जोड़े रखने के लिए कभी अंधा, कभी बहरा तो कभी गूंगा होना पड़ता
है।
रिश्ते
और रास्ते में कब मोड़ आ जाए, पता ही नहीं चलता। इसलिये जैसे
रास्ते में चलते हुए सचेत रहना जरूरी है वैसे ही रिश्ते को निभाने में भी सावधानी
रखना जरूरी है।
रिश्ते
नाते वे होते हैं, जिन में शब्द कम और समझ ज्यादा हो, जिन में तकरार कम और प्यार ज्यादा
हो, जिन में आशा कम और भरोसा ज्यादा हो।
रिश्ते
का मतलब होता है, लेकिन मतलब के लिए रिश्ता नहीं होता
है।
रिश्ते
पतंग की डोर के तरह होते हैं, यह डोर होती है समझ और सामंजस्य की।
रिश्तों की यह डोर सुलझी रहें, तो सहजता बनी रहती है। उलझ जाएं तो, दूरियाँ बढ़ा देती है।