Tuesday, 24 February 2026

(7.2.6) मुण्डन संस्कार / चौलकर्म संस्कार का मुहूर्त Mundan Sanskar Muhurta, Chaulkarm Sanskar, Chuda Karm Sanskar

 मुण्डन संस्कार / चौलकर्म संस्कार का मुहूर्त Mundan Sanskar Muhurta, Chaulkarm Sanskar, Chuda Karm Sanskar

चौल कर्म संस्कार या चूड़ा कर्म संस्कार जिसे मुंडन संस्कार भी कहा जाता है, 16 संस्कारों में से एक प्रमुख संस्कार है। बालक के जन्म के पहले, तीसरे, पांचवें या सातवें इत्यादि विषम वर्षों में उत्तरायण के सूर्य में जातक का मुण्डन संस्कार किया जाता है।

इस मुहूर्त के लिए ग्राह्य मास इस प्रकार हैं -

वैशाख, ज्येष्ठ (लेकिन प्रथम गर्भ से ज्येष्ठ में जन्मे बालक का ज्येष्ठ के महिने में मुंडन निषेध है), आषाढ़ (शुक्ल पक्ष एकादशी से पूर्व), माघ तथा फाल्गुन।

इस मुहूर्त के लिए ग्राह्य तिथियाँ इस प्रकार हैं  -

दोनों पक्षों की द्वितीया, तृतीया,पंचमी,  सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी और त्रयोदशी तथा कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथियां ग्राह्य हैं।

मुंडन के मुहूर्त के लिए ग्राह्य वार हैं - सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार।

इन वारों के अतिरिक्त ब्राह्मणों के लिए रविवार, क्षत्रियों के लिए मंगलवार तथा वैश्यों के लिए शनिवार भी शुभ माने गए हैं।

इस मुहूर्त के लिए ग्राह्य नक्षत्र हैं - अश्विनी, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, हस्त, चित्रा, स्वाती, ज्येष्ठा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा और रेवती।